Wednesday, February 26, 2025

Ramchandra Shankar ka / रामचन्द्र शंकर का भजन कर

 रामचन्द्र शंकर का भजन कर (Amazing Shiv bhajan in folk style).


रामचन्द्र शंकर का भजन कर
शिव के भजन कर पार्वती
शिव के भजन कर पार्वती
कहन लगे शंकर भोले
कहन लगे शंकर भोले

ओर खोल पलग बम दिखे नाथ जी
ओर खोल पलग बम दिखे नाथ जी

आजूओ चेली बैठे रहो मे
रटो राम का नाम तुम्हीं
भोले पार्वती शब्द सुनावे
ये शंकर भोले लहरी

चेली का कहना छोड़े नाथ जी
चेली का कहना छोड़े नाथ जी
आप कहोगी घर की नारी
नारी कहो तेरे संग चलूंगी
जनम जनम की रहूंगी दशी
छान घोट दिबिया प्याहुगी
तुम्ही पिवेगा तेरा पिवेगा नादिया
बची खुची पि जाऊ सारी
बची खुची पि जाऊ सारी

अगड़ बम्म बम्म बम बम
बम्म बम्म बम बम
अगड़ बम बम्म बम्म बमलहरी
अजी अरी हरि-हरि बोले पार्वती
ओर शिव-शिव रखे शिवलहरी॥

कहन लगे शंकर भोले
अरे कहन लगे शंकर भोले
तेरी एक सुने न मेरी पार्वती
तेरी एक सुने न मेरी पार्वती
चंद्रमुखी है पार्वती,
कोई सूरजमुखी लड़का ढूंढो
जहा बेथि राज करे गौरा

तेरी बंगीदी लंबी सैर करेगी
रेती बंगीदी लोंगिरि शेर करेगी
शीशमहल रहने को भी मांगे
शीशमहल रहने को भी मांगे
गरम नरम भोजन मांगेगी

कहाँ से लावे रे शिव जोगी
कहाँ से लावे रे शिव जोगी

गुजराती लहंगा मांगेगी
गुजराती लहंगा मांगेगी

पढने को दुशालूरी मांगेगी
पढने को दुशालूरी मांगेगी

चलदी भर गहना मांगेगी
चलदी भर गहना मांगेगी

छन्न पछेली बाजू बंद नुगरिया
पायो मैं भी पायल मांगेगी

कहाँ से लावे शिवलहरी
कोई आठ नहीं बजार नहीं
कोई आठ नहीं बजार नहीं

कोई सेठ नहीं साहूकार नहीं
कोई सेठ नहीं साहूकार नहीं

में तो राजा का लड़का भी नहीं
कोई राजा का लड़का में भी नहीं

अगड़ बम्म बम्म बम बम
बम्म बम्म बम बम
अगड़ बम बम्म बम्म बमलहरी
अजी अरी हरि-हरि बोले पार्वती
ओर शिव-शिव रखे शिवलहरी॥

कहन लगे वा पार्वती
मेरे एक शंकर भोलेलहरी
में कइ बार बहकाई रे नाथ जी
में कइ बार बहकाई रे नाथ जी
अब भगने की में नाई है
अब भगने की में नाई है
मेरा भगवा भी चोला रंग दे नाथ जी
मेरा भगवा भी चोला रंग दे नाथ जी

तेरा धंग सोई मेरा धंग है
तेरा धंग सोई मेरा धंग है

रंग में रंग मिला लेरी
रंग में रंग मिला लेरी

हे शंकर भोले लहरी
किसी ने मागा दूध पुट रे

किसी ने मागा धन दौलत रे
मैने मागा है शिवलहरी

तेरे नाम के बरत किये है
तुम्हे बरूंगी भोलेलहरी

अगड़ बम्म बम्म बम बम
बम्म बम्म बम बम
अगड़ बम बम्म बम्म बमलहरी
अजी अरी हरि-हरि बोले पार्वती
ओर शिव-शिव रखे शिवलहरी॥

कहन लगे शंकर भोले
मेरे दाया बाया री विषर बिराजे
मेरे दाया बाया री विषर बिराजे
माथे चंद्रमा विराज रहा है
माथे पे चंद्रमा विराज रहा है
मेरी जटा से गंगा बहती है
मेरी जटा से गंगा बहती है
जब रूप बदल कर शंकर नाथ जी

कहन लगे शंकर भोले
मेरे दाया बाया री विषर बिराजे
मेरे दाया बाया री विषर बिराजे

माथे पे चंद्रमा बिराज रहा है
माथे पे चंद्रमा बिराज रहा है

मेरी जटा से गंगा बहती है
मेरी जटा से गंगा बहती है

जब रूप बदल कर शंकर नाथ जी
जब रूप बदल कर शंकर नाथ जी

अस्सी बरस के बुड्ढे बन गए
अस्सी बरस के बुड्ढे बन गए

ओर बूढ़े बनकर बैठ गए जी
ओर बूढ़े बनकर बैठ गए जी

ओर कहन लगे गोरा जी से
ओर कहन लगे गोरा जी से

हे बारह बरस की पार्वती
हे बारह बरस की पार्वती

अस्सी बरस के शिवलहरी
अस्सी बरस के शिवलहरी

मेरी गई रे जवानी आया बुढ़ापा
मेरी गई रे जवानी आया बुढ़ापा

डगमग डगमग नाड़ हले
डगमग डगमग नाड़ हले

मेरी बढ़ा भड़क भड़के नारी
मेरी बढ़ा भड़क भड़के नारी

मेरी लचर पचर थोड़ी कमर करे
मेरी लचर पचर थोड़ी कमर करे

मेरा गोदे से गुड्डा लगता है
मेरा गोदे से गुड्डा लगता है

मेरा रूप भयंकर देख-देख के
मेरा रूप भयंकर देख-देख के

डर डर के मरजा पार्वती
डर डर के मरजा पार्वती

कहन लगी वा पार्वती
कहां लगी वा पार्वती

उत्तर देने लगी भोले से
उत्तर देने लगी भोले से

ऐ शंकर भोले लहरी
ऐ शंकर भोले लहरी

मैं जान गई रे पहचान गई
मैं जान गई रे पहचान गई

अरे छन मैं भी बूढ़े
छन मैं भी बाला
छन मैं भी कोड़ी बन बैठे

है आप रूप अंतर्ज्ञानि
है आप रूप अंतर्ज्ञानि

लीला का पार तेरी ना आया
तेरे रूप अनेक है भोलेलहरी

अगड़ बम्म बम्म बम बम
बम्म बम्म बम बम
अगड़ बम बम्म बम्म बमलहरी
अजी अरी हरि-हरि बोले पार्वती
ओर शिव-शिव रखे शिवलहरी॥

अरी गवरजा पार्वती
तु क्यु शंकर के ख्याल पढि़

क्यो भोले के ख्याल पढ़ी
राजा का लड़का ढूंढो
राजा का लड़का ढूंढो

जहाँ बेथि राज करे गौरा
जहाँ बेथि राज करे गौरा

बोले गवरजा शब्द सुनावे
हे शंकर भोलेलहरी
हे शंकर भोलेलहरी
तुम्हीं पण्ड ओर तुहीं खण्ड हो
ऐ जटा जूट जटा धारी
ऐ जटा जूट जटा धारी
हे शकर भोले कहारी

अगड़ बम्म बम्म बम बम
बम्म बम्म बम बम
अगड़ बम बम्म बम्म बमलहरी
अजी अरी हरि-हरि बोले पार्वती
ओर शिव-शिव रखे शिवलहरी॥

बोले गवरजा शब्द सुनावे
हे शंकर भोले लहरी
हे शंकर भोले लहरी

तेरी लीला जग मैं न्यारी
तेरी लीला जग मैं न्यारी

लीला का पार नहीं पाया
लीला का पार नहीं पाया
सब नाथो का नाथ है शंकर
सब नाथो का नाथ है शंकर
हे भोले अन्तर्यामी
हे भोले अन्तर्यामी

कहन लगी वा पार्वती
कहन लगी वा पार्वती

शंकर भोले नाथ महादेव
शंकर भोले नाथ महादेव

आ कमति नही खजाने मे
आ कमति नही खजाने मे

तीन लोक बस्ती मे बसाए
तीन लोक बस्ती मे बसाए

आप रहे वीराणे मे
आप रहे वीराणे मे

जब ब्रह्मा ने रची श्रष्टि
जब ब्रह्मा ने रची श्रष्टि

ओर लगाई फुलवारी
ओर लगाई फुलवारी

ओर धुरदर दरगा से जोड़ा उतरा
ओरधुरदर दरगा से जोड़ा उतरा

अरे पैदा कर दिए नर नारी
अरे पैदा कर दिए नर नारी

अगड़ बम्म बम्म बम बम
बम महादेव धन्य गणेश
बम महादेव धन्य गणेश
शिव की पूजा करो हमेश॥

Singer: श्री बंसी जी जोगी॥


https://www.youtube.com/watch?v=Ngsgi4prVV8

Saturday, February 15, 2025

Ninhoratu porevavara / ನಿನ್ಹೊರತು ಪೊರೆವವರ

Ninhoratu porevavara  | ನಿನ್ಹೊರತು ಪೊರೆವವರ ನಾನರಿಯೆ ಹರಿಯೆ |

This heart-touching bhajan by Purandara Dasa



ನಿನ್ಹೊರತು ಪೊರೆವವರ ನಾನರಿಯೆ ಹರಿಯೆ
ಆದಿಯ ಮೊದಲು ನಿನ್ನ ಪಾದವ ನಂಬಿದೆ |
ಭೇದವೆನಿಸದೆ ಮೋದದಾಯಕ | ಆದರದಿಂದಲಿ ಕಾಯೋ
ಸೋದರ ಮಾವನ ವೈರಿ | ಮೇಧಿನಿ ಪತಿಯೇ ನಿನ್ನಾರಾಧನೆ
ಮಾಡಿಸೋ ಹರಿಯೇ…
ನಿನ್ಹೊರತು ॥
ಶ್ರೀನಿವಾಸ ಗೋವಿಂದ ವೆಂಕಟರಮಣ ಗೋವಿಂದ
ಆಪದ್ಭಾಂದವ ಗೋವಿಂದ ಅನಾಥರಕ್ಷಕ ಗೋವಿಂದ

ದಾನವಾಂತಕ ನೀನೆ ಗತಿ ಎಂದು
ಸ್ವಾನುರಾಗದಿಂ ಧ್ಯಾನ ಮಾಡುವೆ |
ಮಾನ ಅಭಿಮಾನ ನಿನ್ನದು ವೇಣುಗೋಪಾಲ ಕೃಷ್ಣ |
ಬಾನು ಕೋಟಿತೇಜ ಎನ್ನ ದೀನನಾಗಿ ಮಡೋ ಹರಿಯೇ…
ನಿನ್ಹೊರತು ॥
ಶ್ರೀನಿವಾಸ ಗೋವಿಂದ ವೆಂಕಟರಮಣ ಗೋವಿಂದ
ಆಪದ್ಭಾಂದವ ಗೋವಿಂದ ಅನಾಥರಕ್ಷಕ ಗೋವಿಂದ

ಪಂಕಜಾಕ್ಷ ಮುಕುಂದ ಮಾಧವ
ಕಿಂಕರಾಮರ ವಂದ್ಯ ಶ್ರೀಹರಿ |
ಸಂಕಟಗಳನು ನೀ ಬಿಂಕದಿಂ ಪರಿಪಾಲಿಪ |
ಕಂಕಣ ಧರಿಸಿದ ಶ್ರೀ ವೆಂಕಟ ವಿಠ್ಠಲ ಹರಿಯೇ…
ನಿನ್ಹೊರತು ॥
ಭಕ್ತವತ್ಸಲ ಗೋವಿಂದ ಭಗವತಪ್ರಿಯ ಗೋವಿಂದ
ಪದ್ಮಾವತಿ ಗೋವಿಂದ ಪದ್ಮನಾಭ ಹರಿ ಗೋವಿಂದ
ಗೋವಿಂದ ಹರಿ ಗೋವಿಂದ ವೆಂಕಟರಮಣ ಗೋವಿಂದ
ಶ್ರೀನಿವಾಸ ಗೋವಿಂದ

ಗೀತ ರಚನೆ: ಶ್ರೀ ಪುರಂದರದಾಸರು

English Transliteration

Ninhoratu porevavara nānariye Hariye
Ādiya modalu ninna pādava nambide
Bhēdavēnisade mōdadāyaka ādaradindali kāyo
Sōdara māvana vairi mēdhini patiyē ninnārādhane
Māḍisō Hariyē...
|| Nin horatu ||
|| Śrīnivāsa Govinda Vēṅkaṭaramaṇa Govinda
Āpadbandhava Govinda Anātharakṣaka Govinda ||

Dānavāntaka nīne gati endu
Svānurāgadin dhyāna māḍuve
Māna abhimāna ninnadu Vēṇugōpāla Kṛṣṇa
Bānu kōṭi tēja enna dīnanāgi maḍō Hariyē…
|| Nin horatu ||
|| Śrīnivāsa Govinda Vēṅkaṭaramaṇa Govinda
Āpadbandhava Govinda Anātharakṣaka Govinda ||

Pankajākṣa Mukunda Mādhava
Kinkarāmara vandya Śrīhari
Sankaṭagaḷanu nī binkadin paripālipa
Kaṅkaṇa dharisida Śrī Vēṅkaṭa Viṭṭhala Hariyē…
|| Nin horatu ||
|| Bhaktavatsala Govinda Bhagavatapriya Govinda
Padmāvathi Govinda Padmanābha Hari Govinda
Govinda Hari Govinda Vēṅkaṭaramaṇa Govinda
Śrīnivāsa Govinda ||


English Meaning

I know none other than You, O Hari, as my refuge.
From the very beginning, my faith has rested at Your feet.
Without any discrimination, You offer joyous shelter,
Protecting even enemies of kin with equal compassion.
O Lord of the Earth, it is You alone who inspires my worship!

You, the destroyer of demons, are my only destiny.
With heartfelt love, I meditate on You alone.
My pride and ego belong to You, O Venu-Gopala,
Brighter than countless suns, yet humbly descending to lift this lowly soul.

O lotus-eyed Mukunda, Madhava—
The revered One by gods and devotees—
Please dispel all my afflictions with Your serene grace.
O Venkata Vittala, adorned with sacred bracelets, protect me always!


Reflective Abstract

This heart-touching bhajan by Purandara Dasa resounds with absolute surrender. It is not merely an act of seeking help—it is a declaration that apart from the Lord, there is no other protector. The bhakta acknowledges God's mercy that knows no bias, His ability to uplift even those branded as unworthy, and His brilliance that eclipses ego and pride. Each verse draws us closer to the truth that total refuge in Govinda dissolves fear, dissolves sin, and dissolves duality. The repetition of “Nin horatu”—none but You—becomes not just a phrase, but a chant of exclusive devotion. Through poetic surrender and evocative imagery, the song becomes a shelter for the weary, and a flame of hope for the devout. This is not just poetry—it’s an invitation to belong.

Lyricist : Sri Purandaradasaru

Singer : Sri Yogish Kini



He Shivanandana | ಹೇ ಶಿವನಂದನ ಹೇ ಶಿವನಂದನ

📜 Original Kannada Lyrics: ಹೇ ಶಿವನಂದನ ಹೇ ಶಿವನಂದನ ಹೇ ಗಿರಿಜಾಸುತೆ ಹೇ ಗಿರಿಜಾಸುತೆ ವಿಘ್ನವಿನಾಶಕ ಪಾಲಯಮಾಂ ಪಾರ್ವತೀಚ ನಂದನ ಮೋರಯಾ ಗಜಾನನ ಗಜವದನ ವಿಘ್ನವಿನಾಶ...